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राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने एक मिसाल कायम करते हुए राज्य के सभी 33 जिलों में उपचाररत कुल 330 टीबी मरीजों, प्रत्येक जिले से 10 मरीजों को ‘निक्षय मित्र’ बनकर गोद लिया है। राज्यपाल द्वारा मरीजों को उपचार अवधि में पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक मरीज को प्रतिमाह 500 रुपये की अनुदान राशि संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रदान की जा रही है। श्री डेका ने 31 जुलाई 2024 को छत्तीसगढ़ के 10वें राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया था। पदभार ग्रहण करने के पश्चात जिलों के प्रवास के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जी के ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को गति प्रदान करने की पहल की। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा मरीजों से सीधा संवाद कर उन्हें नियमित दवा और पोषण आहार के महत्व से अवगत कराया। इस क्रम में उन्होंने सर्वप्रथम राजनांदगांव, बस्तर, धमतरी और गरियाबंद जिलों के टीबी मरीजों को गोद लिया था। तत्पश्चात अपने कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने से पूर्व ही उन्होंने शेष सभी जिलों में भी मरीजों को गोद लेकर अंतिम 33वें जिले कोंडागांव तक यह प्रक्रिया पूरी की और ऐसा करने वाले वह देश के प्रथम राज्यपाल बन गए। राज्यपाल श्री डेका ने उद्योगपतियों, समाजसेवी संगठनों राइस मिल एसोसिएशन एवं आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे आगे आकर ‘निक्षय मित्र’ बनें और टीबी मरीजों को गोद लेकर इस जनआंदोलन का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प साकार किया जा सकता है।

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राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में रायपुर के निजी स्कूल के विद्यार्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री डेका ने बच्चों को जीवन और कैरियर में सफलता पाने के लिए मार्गदर्शन दिया और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने राज्यपाल की बातों को पूरे उत्साह से ध्यानपूर्वक सुना।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से उनके सपनों और हॉबी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनुशासन और धैर्य सफलता की कुंजी हैं। यदि किसी परीक्षा में सफलता न मिले तो उसके विकल्प तैयार रखें। विद्यार्थी यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं, उसके लिए पूरी लगन के साथ तैयारी करें लेकिन अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दें।

श्री डेका ने कहा कि हर विद्यार्थी को अपनी हॉबी विकसित करना चाहिए क्योंकि यह व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं। एक छात्रा ने संगीत से जुड़े अपने हॉबी का जिक्र किया। इस पर राज्यपाल ने कहा कि संगीत जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, इसमें विज्ञान भी निहित है। विद्यार्थियों ने जब राजनीति के बारे में पूछा तो राज्यपाल ने कहा कि अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का समाधान करने के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना जरूरी है और गुस्से में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अनुभव, तर्कशक्ति और निर्णय क्षमता को जीवन में सफलता के लिए अहम बताया।

श्री डेका ने कहा कि सतत् विकास सबसे जरूरी विषय है। हमें अपनी पृथ्वी और पर्यावरण को बचाने के लिए काम करना होगा। हमें अपने वातावरण को स्वच्छ रखना होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है यह बात उन्हें बहुत प्रभावित करती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करें और टॉपर बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों को उनके द्वारा 5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है। इस अवसर पर रेयान इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य श्रीमती धनेश्वरी शर्मा, मैनेजर एवं अन्य स्टॉफ के साथ विद्यार्थियों को राजभवन का भ्रमण भी कराया गया।