दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण आतंकी विस्फोट की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार सुबह जम्मू-कश्मीर के कश्मीर घाटी में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी. छापेमारी की सबसे बड़ी कार्रवाई कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा क्षेत्र में हुई, जहां NIA की टीम दो गाड़ियों में सवार होकर सुबह-सुबह गुलोरा इलाके पहुंची और एक स्थानीय कारोबारी के आवास पर छापा मारा. सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार बम विस्फोट मामले से जुड़ी है. उस हमले में 11 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे.
मुख्य आरोपी उमर उन नबी खुद विस्फोट में मारा गया था. NIA इस कायराना हमले की पूरी साजिश को उजागर करने में जुटी हुई है और अब कश्मीर में नए सिरे से तलाशी अभियान चला रही है. हंदवाड़ा के गुलोरा में कारोबारी के घर पर NIA टीम ने घंटों तक गहन तलाशी ली. दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया गया. छापेमारी के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था रही. हथियारबंद जवान पूरे परिसर में मुस्तैद रहे.
कारोबारी का विस्फोट की साजिश से संबंध की आशंका
सूत्र बता रहे हैं कि इस कारोबारी का विस्फोट की साजिश से कुछ न कुछ संबंध होने की प्रारंभिक जानकारी मिली है. हालांकि NIA की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. NIA के अनुसार लाल किला विस्फोट की साजिश का मास्टरमाइंड उमर उन नबी था. उसने मुजम्मिल गनई, शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान, आदिल अहमद राथर और कई अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस हमले की योजना तैयार की थी. जांच में सामने आया कि जम्मीर अहमद और तुफैल अहमद प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH) के सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) थे. ये लोग हथियार सप्लाई करने और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में शामिल थे.




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