रायपुर । संवाददाता: कांग्रेस ने प्रदेश सरकार और रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में अब कोई भी नागरिक सुरक्षित नहीं रह गया है. राजधानी रायपुर समेत पूरा प्रदेश अपराध की चपेट में है और सत्तारूढ़ प्रशासन इन वारदातों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है.
कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने गृहमंत्री विजय शर्मा और पुलिस प्रशासन पर आंकड़ों की बाजीगरी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग केवल आंकड़ों को छिपाने में व्यस्त है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि रायपुर शहर अपराधियों का अड्डा बनता जा रहा है.
हाल ही में राजधानी में सरेआम बमबाजी की घटना सामने आई, वहीं बिरगांव क्षेत्र में बम बनाए जाने का मामला भी उजागर हुआ है. इसके अलावा, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, कवर्धा और जशपुर जैसे विभिन्न जिलों में दर्जनों लोग गोलीबारी और हिंसक वारदातों के शिकार हो चुके हैं.
प्रदेश में महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कुछ भयावह घटनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राजधानी में एक महिला की हत्या के बाद उसके साथ बर्बरता की गई, जबकि एक अन्य घटना में पीड़िता सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई.
सक्ती में युवती को घर में घुसकर गोली मारना हो या कोरिया में चार लोगों को जिंदा जलाना, ये घटनाएं दर्शाती हैं कि अपराधियों में कानून का कोई खौफ नहीं बचा है. आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य में औसतन प्रतिदिन छह हत्याएं और आठ बलात्कार जैसी संगीन वारदातें दर्ज हो रही हैं.
हना है कि तीन वर्ष पूर्व तक शांत रहने वाली राजधानी रायपुर में पिछले 25 दिनों के भीतर 16 जिंदगियां खत्म कर दी गईं. हाल ही में हुए गैंगवार के कारण महज चार दिनों में दो लोगों की जान चली गई, लेकिन शासन और पुलिस-प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर मूकदर्शक बने हुए हैं.


