Home धर्म - ज्योतिष आज पैसा सब कुछ है परिवार नहीं – मुनि श्री अजितसागर

आज पैसा सब कुछ है परिवार नहीं – मुनि श्री अजितसागर

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सागर – कुछ वर्ष पहले तक भरा पूरा परिवार होता था एक दूसरे के प्रति सम्मान और समर्पण होता था लेकिन आज स्थिति बिल्कुल विपरीत हो गई है पैसे को प्राथमिकता दी जा रही है और परिवार दूर होता जा रहा है नौकरी पेशा पति पत्नी हो तो बच्चों को आया के भरोसे छोड़ दिया जा रहा है और उनके बच्चे जब बड़े होंगे तो वे भी अपने मां-बाप को उनके हाल पर छोड़ देंगे और कहेंगे कि बचपन में आपने मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं उठाई है मैं भी आपके बुढ़ापे में आपकी जिम्मेदारी क्यों उठाऊं आज पैसा मुख्य और परिवार गौण हो गया है यह बात मुनि श्री अजितसागर महाराज ने मूक माटी महाकाव्य पर चल रही स्वाध्याय की कक्षा में कहीं । उन्होंने कहा की आज लोग दिखावे में ज्यादा विश्वास कर रहे हैं हकीकत में कुछ और है लेकिन दिखावा कर अपनी स्थिति कुछ दूसरी बताने का प्रयास कर रहे हैं। एक बार एक विद्वान ने अपनी पत्नी को जीवन में पहली बार साड़ी ले जाकर सरप्राइस देना चाहा तो उसकी पत्नी ने कहां मेरे आचरण पर संदेह कर रहे हैं मुझे साड़ी की जरूरत नहीं है मेरे लिए सुंदर बनाना चाहते हैं और उसने कहा कि शरीर को ढकने के लिए मैं साड़ी पहनती हूं दिखाने के लिए नहीं, लेकिन आज  उल्टे पत्नियां इस बात को लेकर नाराज हैं कि तुमने मुझे साड़ी क्यों नहीं लिवाई। हर किसी त्योहार पर जन्मदिन पर, शादी की सालगिरह पर साड़ियों की डिमांड होती है। नारियों को शील आचरण वाली होना चाहिए आज हर परिवार में एक दूसरे के प्रति सम्मान आदर और बहुमान की परंपराएं समाप्त हो गई हैं पहले परिवार में ज्यादा लोग रहते थे लेकिन आज एक बेटा एक बेटी है और भरे पूरे परिवार मैं अपनी बेटी देना नहीं चाहते हैं